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घरेलु हिंसा
ये तो हम सभी जानते है, आज के बच्चें कल का भविष्य है. आज की तेज़ रफ़्तार प्रतियोगिता से भरी ज़िन्दगी में, हर माता -पिता चाहता है की मेरा बच्चा दुनिया का सबसे अमीर व होनहार बच्चा बने, पर यह भी निच्छित है की आज की पीड़ी जो अपने माता-पिता से सीखेगी वही उसका भविष्य होगा. आज हम अनुशासन और ज़्यादा स्कोर्स के लिए उन्हें डराने, धमकाने और मारने-पीटने से भी नहीं चूकते. घरेलु हिंसा जहाँ घर की शांति पर ग्रहण है वही इससे न सिर्फ बच्चों के मन में आपके प्रति घृणा पैदा होती है बल्कि ये उसे हमेशा के लिए मनोरोगी बना सकती है.
बच्चों पर घरेलु हिंसा के खतरनाक नतीज़ों पर कृपया गौर करे:-
१. चिंता विकार- एंग्जायटी डिसऑर्डर
२. ड्रग्स ,शराब, सेक्स आदि नशे की लत्त लगना
३. चोरी, लूट-मार, बलात्कार, खून आदि अपराधों के लिए प्रेरित होना
४. सामाजिक रूप से अधूरे रहना
५. अपनी असफलतायों के लिए अपने आप को जिम्मेवार ठहराना
६. डिप्रेशन का शिकार होना
७. आत्मत्या करने की कोशिश करना का
अपने बच्चों का प्यार से मार्गदर्शन करे और उन्हें एक स्वाथ्य व जिम्मेवार नागरिक बनाये. जय हिन्द.
घरेलु हिंसा
ये तो हम सभी जानते है, आज के बच्चें कल का भविष्य है. आज की तेज़ रफ़्तार प्रतियोगिता से भरी ज़िन्दगी में, हर माता -पिता चाहता है की मेरा बच्चा दुनिया का सबसे अमीर व होनहार बच्चा बने, पर यह भी निच्छित है की आज की पीड़ी जो अपने माता-पिता से सीखेगी वही उसका भविष्य होगा. आज हम अनुशासन और ज़्यादा स्कोर्स के लिए उन्हें डराने, धमकाने और मारने-पीटने से भी नहीं चूकते. घरेलु हिंसा जहाँ घर की शांति पर ग्रहण है वही इससे न सिर्फ बच्चों के मन में आपके प्रति घृणा पैदा होती है बल्कि ये उसे हमेशा के लिए मनोरोगी बना सकती है.
बच्चों पर घरेलु हिंसा के खतरनाक नतीज़ों पर कृपया गौर करे:-
१. चिंता विकार- एंग्जायटी डिसऑर्डर
२. ड्रग्स ,शराब, सेक्स आदि नशे की लत्त लगना
३. चोरी, लूट-मार, बलात्कार, खून आदि अपराधों के लिए प्रेरित होना
४. सामाजिक रूप से अधूरे रहना
५. अपनी असफलतायों के लिए अपने आप को जिम्मेवार ठहराना
६. डिप्रेशन का शिकार होना
७. आत्मत्या करने की कोशिश करना का
अपने बच्चों का प्यार से मार्गदर्शन करे और उन्हें एक स्वाथ्य व जिम्मेवार नागरिक बनाये. जय हिन्द.


Bilkul sahi
ReplyDeleteBilkul sahi
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